उत्तर प्रदेश में 19.96 करोड़ जनसंख्या का 72.20 प्रतिशत कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर है. 822 विकासखंडों के 97941 आबाद ग्रामों वाले प्रदेश के पशुपालक दूध की कम कीमत एवं भूसे की किल्लत एवं ऊंचे दाम से परेशान हैं. साथ ही पशुपालक पशुचिकित्सकों की अपर्याप्त संख्या के कारण झोलाछापों द्वारा छले जा रहे हैं. प्रत्येक 5000 बड़े पशु संख्या पर एक पशुचिकित्सालय के मानक विपरीत वर्तमान में प्रति पशुचिकित्सक 20000 पशुओं का अनुपात है जिससे पशुचिकित्सा अधिकारियों पर तीन गुना अधिक कार्य का दबाव है. 6.93 करोड़ पशुधन (श्वान सहित) एवं 1.78 करोड़ कुक्कुट के स्वास्थ्य सुश्रुषा के लिए कुल 2200 पशुचिकित्सालय हैं. प्रदेश में कुल 1.90 करोड़ गोवंशी एवं 2.64 करोड़ महिष वंशी पशु, 19.87 लाख सूकर, 1.48 करोड़ बकरी, 14 लाख भेड़, 98 हजार घोड़े-टट्टू, 76 हजार गधे, 30 हजार खच्चर, 8000 ऊंट हैं.
Friday, March 20, 2015
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