उत्तर प्रदेश के पशुचिकित्सकों ने पशु दवा कंपनी वरबैक के समस्त उत्पादों के बहिष्कार का फैसला लिया है. फाइट फार पैरिटी फोरम के समस्त जनपदों के सदस्यों ने व्यापक विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया. यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. पिछले कई वर्षों से इस कंपनी के दवा प्रतिनिधियों द्वारा पंजीकृत पशुचिकित्साधिकारियों के प्रति अनुचित अहंकारपूर्ण व्यवहार की शिकायतों के बाद पशुचिकित्सकों ने यह निर्णय लिया है. कानपुर से डा एमपी राठौर, सहारनपुर से डा सुभाष मलिक, गोरखपुर से डा सुजीत सिंह, फैजाबाद से डा अनुज सिंह, इलाहाबाद से डा राजीव सिंह, फतेहपुर से डा अवनीश भट्ट, मऊ से डा अवनीश, डा सुनील, बस्ती से डा पीसीडी दि्वेदी, डा राजेश, झांसी से डा अवधेश निरंजन, बाराबंकी से डा राहुल, अमेठी से डा एसकेडी दि्वेदी, सुल्तानपुर से डा राजेश वर्मा आदि समन्वय बनाकर इस फैसले की लगातार निगरानी करेंगे. साथ ही इस कंपनी के बिना संघटन वाले समस्त उत्पादों की जांच के लिए भी विचार किया जा रहा है. कंपनी द्वारा कुत्सित उद्देश्यों के साथ पशुचिकित्सा तकनीकी विवरण यथा- हार्मोन, झोलाछापों को बताने पर गंभीर चिंता जताई गई जिससे एंटीबायोटिक रजिस्टेंस, बांझपन, गर्भपात आदि समस्याओं के कारण पशुपालकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है.
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